विस्तृत उत्तर
चमकम् में ११ अनुवाक हैं जिनमें 'च मे' (Cha Me - 'और मुझे यह प्राप्त हो') के माध्यम से भक्त शिव से भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की मांग करता है।
— तृतीय अनुवाक: शारीरिक और मानसिक सुख, धनार्जन, प्रिय वस्तुएँ और आध्यात्मिक लाभ की प्रार्थना।
— चतुर्थ अनुवाक: दूध, घी, मधु, जौ, मूंग, गेहूं, चावल आदि अनाजों की प्रचुरता।
— सप्तम अनुवाक: विभिन्न ग्रहों, आकाशगंगाओं और यज्ञीय उपकरणों से आशीर्वाद।
यह स्पष्ट करता है कि हिंदू दर्शन में भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान एक-दूसरे के पूरक हैं।





