विस्तृत उत्तर
नमकम् का प्रथम अनुवाक भगवान शिव के क्रोध, उनके धनुष और बाणों को शांत करने की प्रार्थना से आरंभ होता है:
ॐ नमस्ते रुद्र मन्यव उतोत इषवे नमः।
भक्त प्रार्थना करता है कि शिव का बाण दयालु (शिवतमा) बन जाए। यह अनुवाक शिव के उग्र स्वरूप को शांत कर उनसे करुणा की याचना है।





