विस्तृत उत्तर
प्रसिद्ध पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' नमकम् के अष्टम अनुवाक के मध्य में प्रकट होता है।
यह यजुर्वेद (कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता) का हिस्सा है।
अष्टम अनुवाक में शिव और माता उमा को नमन किया जाता है जो दुःखों का नाश करते हैं और जो पंचमहाभूतों और 'ॐ' (प्रणव) के रचयिता हैं। यह अनुवाक शत्रुओं के नाश और मोक्ष प्राप्ति के लिए विशेष रूप से जपा जाता है।





