विस्तृत उत्तर
नमः शिवाय' को 'पंचाक्षर मंत्र' कहते हैं क्योंकि इसमें पाँच अक्षर हैं — न, म, शि, वा, य।
जब इसके आदि में प्रणव अर्थात 'ॐ' जोड़ दिया जाता है, तब यह 'षडाक्षर मंत्र' बन जाता है।
इस मंत्र का प्रत्येक अक्षर सम्पूर्ण ब्रह्मांड के एक-एक तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।





