विस्तृत उत्तर
नमः शिवाय' का शाब्दिक अर्थ है 'मैं शिव को नमन करता हूँ'।
यह 'मैं' और 'मेरे' के अहंकार का भगवान के चरणों में विसर्जन है। जब साधक पूर्ण समर्पण भाव से जप करता है, तभी मंत्र की चेतना जाग्रत होती है।
इसके अतिरिक्त, कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता के अंतर्गत 'श्री रुद्रम् चमकम्' में तथा शुक्ल यजुर्वेद की 'रुद्राष्टाध्यायी' में यह मंत्र उस रूप में प्रकट हुआ है जिसका अर्थ है 'उस कल्याणकारी शिव को नमस्कार है और जो उनसे भी अधिक कल्याणकारी हैं, उन्हें भी नमस्कार है'।





