विस्तृत उत्तर
दीक्षा ग्रहण करने के लिए शिष्य में कुछ विशेष गुणों का होना अनिवार्य है, जैसे:
- ▸श्रद्धा
- ▸विनम्रता
- ▸सेवा-भाव
- ▸ज्ञान की तीव्र पिपासा
- ▸पूर्ण समर्पण की तत्परता
कुलार्णव तंत्र जैसे महान ग्रंथ शिष्य की परिभाषा देते हुए कहते हैं कि सच्चा शिष्य वही है जो अपना तन, मन, धन और प्राण (सर्वस्व) गुरु के चरणों में समर्पित करने को तत्पर हो।





