विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, 'नमः शिवाय' का जप कोई भी कर सकता है, परन्तु 'ॐ' लगाकर जप करने का अधिकार गुरु-दीक्षा के उपरांत ही प्राप्त होता है, क्योंकि गुरु की कृपा से ही प्रणव की पूर्ण शक्ति जाग्रत होती है।
'ॐ नमः शिवाय' जपने का अधिकार केवल गुरु-दीक्षा के बाद ही प्राप्त होता है — क्योंकि गुरु की कृपा से ही प्रणव 'ॐ' की पूर्ण शक्ति जाग्रत होती है।
शास्त्रों के अनुसार, 'नमः शिवाय' का जप कोई भी कर सकता है, परन्तु 'ॐ' लगाकर जप करने का अधिकार गुरु-दीक्षा के उपरांत ही प्राप्त होता है, क्योंकि गुरु की कृपा से ही प्रणव की पूर्ण शक्ति जाग्रत होती है।
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