ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
ध्यान अनुभव📜 योग शास्त्र, नाद योग1 मिनट पठन

ध्यान में ॐ की ध्वनि अपने आप सुनाई देने का क्या अर्थ है?

संक्षिप्त उत्तर

अनाहत नाद ('बिना आघात ध्वनि')। ॐ=ब्रह्मांडीय मूल/ब्रह्म (गीता)। हठ योग: 10 नाद → ॐ=सर्वोच्च। सहस्रार निकट। अत्यंत शुभ! ध्वनि में डूबें — साक्षी।

📖

विस्तृत उत्तर

ॐ ध्वनि स्वतः = अनाहत नाद — सर्वशुभ:

अर्थ

  1. 1अनाहत नाद: 'अनाहत' = 'बिना आघात' — बिना किसी वाद्य/स्रोत = ध्वनि। ॐ = ब्रह्मांडीय मूल ध्वनि।
  2. 2नाद योग: हठ योग प्रदीपिका: 'नाद सुनना = ध्यान सर्वोत्तम विधि।' ॐ = सर्वप्रथम नाद।
  3. 3सहस्रार निकट: ॐ = सहस्रार ध्वनि → सुनना = उच्चतम ध्यान।
  4. 4ब्रह्म: 'ॐ इति ब्रह्म' (गीता) — ॐ सुनना = ब्रह्म स्पर्श।

10 नाद (हठ योग): चिनी (टिड्डी), भेरी (ढोल), शंख, घंटा, वीणा, बांसुरी, ढक्का, मेघ, → अंतिम = ॐ = सर्वोच्च।

क्या करें: अत्यंत शुभ! ध्वनि में डूबें — साक्षी। ध्यान जारी रखें।

📜
शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, नाद योग
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

ध्वनिसुनाईअपने आपअनाहत नाद

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

ध्यान में ॐ की ध्वनि अपने आप सुनाई देने का क्या अर्थ है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको ध्यान अनुभव से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर योग शास्त्र, नाद योग पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।