साधना मार्गनाद ध्यान क्या है?
नाद ध्यान में भीतरी सूक्ष्म ध्वनि (अनाहत नाद) को सुनकर ध्यान गहरा किया जाता है। दोनों कान बंद कर एकाग्र होने पर पहले झनझनाहट, फिर शंख-मृदंग और अंततः ओंकार की दिव्य ध्वनि सुनाई देती है। 'नादब्रह्म' — नाद ही ब्रह्म है।
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