विस्तृत उत्तर
सरस्वती की चार भुजाएँ ईश्वर की सर्वव्यापकता (Immanence) और पारलौकिकता (Transcendence) को दर्शाती हैं।
आगे के दो हाथ भौतिक संसार में देवी की सक्रियता को, और पीछे के दो हाथ आध्यात्मिक जगत की गतिविधियों को दर्शाते हैं।
ये मानव के आंतरिक जीवन के चार तत्वों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं — मन (Mind), बुद्धि (Intellect), अहंकार (Ego), और चित्त (Consciousness)।





