विस्तृत उत्तर
हंस की सबसे प्रसिद्ध पौराणिक विशेषता उसका 'नीर-क्षीर विवेक' है, अर्थात् वह जल में मिले हुए दूध को अलग करके पी सकता है।
यह साधक की उस विवेकी बुद्धि का प्रतीक है जो नश्वर (जगत) और अनश्वर (ब्रह्म) के बीच, तथा सही और गलत के बीच भेद कर सकती है।
हंस आध्यात्मिक पूर्णता और मोक्ष (Moksha) का भी प्रतीक है।




