ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिव दर्शन📜 तैत्तिरीय आरण्यक, शैव सिद्धांत, शिव पुराण1 मिनट पठन

शिव के ईशान मुख की उपासना का क्या फल मिलता है?

संक्षिप्त उत्तर

ईशान = ऊर्ध्व मुख, अनुग्रह (मोक्ष) शक्ति — पांच मुखों में सर्वोच्च। फल: मोक्ष, सर्वविद्या ('ईशानः सर्वविद्यानाम्'), गुरु कृपा, ग्रह शांति, आत्मशुद्धि। ईशान कोण में ध्यान।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव के पांच मुखों में ईशान मुख सर्वोच्च है:

ईशान मुख — विवरण (तैत्तिरीय आरण्यक/शैव सिद्धांत)

  • दिशा: ऊर्ध्व (ऊपर/आकाश की ओर) — अन्य चार (सद्योजात/वामदेव/अघोर/तत्पुरुष) चार दिशाओं में।
  • वर्ण: स्फटिक/श्वेत — शुद्धतम।
  • शक्ति: अनुग्रह (कृपा/मोक्ष)।
  • मंत्र: 'ॐ ईशानः सर्वविद्यानाम् ईश्वरः सर्वभूतानाम्...'

उपासना का फल

  1. 1मोक्ष प्राप्ति: ईशान = अनुग्रह शक्ति = मोक्ष/मुक्ति का मार्ग। शिव की पांच क्रियाओं (सृष्टि/स्थिति/संहार/तिरोधान/अनुग्रह) में सर्वोच्च।
  2. 2सर्वविद्या: 'ईशानः सर्वविद्यानाम्' — सम्पूर्ण विद्याओं का स्वामी। ज्ञान, बुद्धि, विवेक प्राप्ति।
  3. 3गुरु कृपा: ईशान = आदि गुरु दक्षिणामूर्ति से संबंधित — गुरु प्राप्ति और ज्ञान दीक्षा।
  4. 4ग्रह शांति: ईशान कोण (वास्तु) = शिव का कोण — सर्व ग्रह दोष शांति।
  5. 5आत्मशुद्धि: ईशान = शुद्धतम रूप — आत्मा की शुद्धि और उन्नति।

उपासना विधि: 'ॐ ईशानः सर्वविद्यानाम्...' मंत्र का 108 जप। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बैठकर ध्यान।

📜
शास्त्रीय स्रोत
तैत्तिरीय आरण्यक, शैव सिद्धांत, शिव पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

ईशानपंचमुखीअनुग्रहमोक्षउपासना

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव के ईशान मुख की उपासना का क्या फल मिलता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिव दर्शन से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तैत्तिरीय आरण्यक, शैव सिद्धांत, शिव पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।