विस्तृत उत्तर
शिव के पांच मुखों में ईशान मुख सर्वोच्च है:
ईशान मुख — विवरण (तैत्तिरीय आरण्यक/शैव सिद्धांत)
- ▸दिशा: ऊर्ध्व (ऊपर/आकाश की ओर) — अन्य चार (सद्योजात/वामदेव/अघोर/तत्पुरुष) चार दिशाओं में।
- ▸वर्ण: स्फटिक/श्वेत — शुद्धतम।
- ▸शक्ति: अनुग्रह (कृपा/मोक्ष)।
- ▸मंत्र: 'ॐ ईशानः सर्वविद्यानाम् ईश्वरः सर्वभूतानाम्...'
उपासना का फल
- 1मोक्ष प्राप्ति: ईशान = अनुग्रह शक्ति = मोक्ष/मुक्ति का मार्ग। शिव की पांच क्रियाओं (सृष्टि/स्थिति/संहार/तिरोधान/अनुग्रह) में सर्वोच्च।
- 2सर्वविद्या: 'ईशानः सर्वविद्यानाम्' — सम्पूर्ण विद्याओं का स्वामी। ज्ञान, बुद्धि, विवेक प्राप्ति।
- 3गुरु कृपा: ईशान = आदि गुरु दक्षिणामूर्ति से संबंधित — गुरु प्राप्ति और ज्ञान दीक्षा।
- 4ग्रह शांति: ईशान कोण (वास्तु) = शिव का कोण — सर्व ग्रह दोष शांति।
- 5आत्मशुद्धि: ईशान = शुद्धतम रूप — आत्मा की शुद्धि और उन्नति।
उपासना विधि: 'ॐ ईशानः सर्वविद्यानाम्...' मंत्र का 108 जप। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बैठकर ध्यान।





