विस्तृत उत्तर
भक्त प्रह्लाद की रक्षा की कथा भगवान विष्णु की सर्वव्यापकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। दैत्यराज हिरण्यकशिपु ने अपने ही पुत्र प्रह्लाद को विष्णु-भक्ति से रोकने के लिए पहाड़ से गिराने, आग में जलाने और सर्पों से डसवाने जैसी अनेक यातनाएँ दीं। किंतु प्रह्लाद ने नवधा भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा।
जब हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद से पूछा कि क्या तेरा भगवान इस जड़ खंभे में भी है, और खंभे पर प्रहार किया, तब भगवान नरसिंह रूप में प्रकट हुए। यह कथा सिद्ध करती है कि भगवान सर्वव्यापी हैं और अपने अनन्य भक्त की रक्षा और उसके वचन को सत्य सिद्ध करने के लिए वे निर्जीव खंभे से भी प्रकट हो सकते हैं।





