विस्तृत उत्तर
नए घर में गृहप्रवेश के बाद पहली रात अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस रात शांतिपूर्ण और पवित्र वातावरण बनाने के लिए मंत्र जप का विधान है।
प्रमुख मंत्र
- 1गणेश मंत्र (विघ्न निवारण हेतु):
'ॐ गं गणपतये नमः'
— सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें, सभी विघ्नों का निवारण होता है।
- 1वास्तु पुरुष मंत्र:
'ॐ वास्तु पुरुषाय नमः'
— नए घर के वास्तु पुरुष की शांति के लिए।
- 1महामृत्युंजय मंत्र (रक्षा हेतु):
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
— 108 बार जप करें। रक्षा, स्वास्थ्य और शांति के लिए।
- 1लक्ष्मी मंत्र (समृद्धि हेतु):
'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
— धन-समृद्धि और लक्ष्मी कृपा के लिए।
- 1शांति पाठ:
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।
गृहप्रवेश रात की विधि
- ▸सबसे पहले गृहलक्ष्मी (पत्नी/माता) दूध का पात्र लेकर प्रवेश करे।
- ▸पूजा स्थल पर दीपक जलाएँ, अखंड ज्योति रखें।
- ▸हवन या धूप जलाएँ।
- ▸पहली रात मंत्र जप, भजन या पाठ करें।
- ▸घर में गंगाजल छिड़कें।
ध्यान दें: गृहप्रवेश शुभ मुहूर्त में करना अनिवार्य है। पंडित जी से मुहूर्त और विधि दोनों सुनिश्चित करें।





