विस्तृत उत्तर
घर की नींव (भूमि पूजन/शिलान्यास) रखना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है जिसके लिए शुभ मुहूर्त का चयन आवश्यक है।
शुभ मुहूर्त के मुख्य कारक
- 1शुभ तिथि — द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) उत्तम हैं। अमावस्या, पूर्णिमा, चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी से बचें।
- 1शुभ नक्षत्र — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती — ये नींव रखने के लिए शुभ नक्षत्र हैं।
- 1शुभ वार — सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शुभ हैं। मंगलवार और शनिवार से बचें। रविवार पर मत भिन्नता है।
- 1शुभ मास — वैशाख, ज्येष्ठ, माघ, फाल्गुन शुभ माने जाते हैं। अधिक मास (मलमास) और आषाढ़ में नींव नहीं रखनी चाहिए।
- 1शुभ लग्न — वृषभ, कर्क, सिंह, तुला, धनु और मीन लग्न शुभ हैं।
- 1ग्रह स्थिति — बृहस्पति और शुक्र अस्त न हों। चतुर्थ भाव शुभ ग्रह से युक्त हो।
व्यावहारिक सुझाव
- ▸योग्य ज्योतिषी/पंडित से मुहूर्त निकलवाएँ — यह सबसे महत्वपूर्ण है। गृहस्वामी की कुंडली, जन्म नक्षत्र और वर्तमान दशा के आधार पर मुहूर्त निकाला जाता है।
- ▸पंचांग देखकर स्वयं मुहूर्त निकालना उचित नहीं — ज्योतिषी कई कारकों को एक साथ संतुलित करते हैं।
भूमि पूजन विधि (संक्षेप)
- ▸ईशान कोण में गड्ढा खोदें।
- ▸गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, वास्तु पूजन करें।
- ▸नारियल, सुपारी, लाल कपड़ा, सिक्के गड्ढे में रखें।
- ▸हवन करें।





