📖
विस्तृत उत्तर
शनिवार काली व्रत में 'एकभुक्त' नियम का पालन किया जाता है। व्रती को दिन भर उपवास (जल या फलाहार पर) रखकर सूर्यास्त के बाद केवल एक समय भोजन ग्रहण करना चाहिए। भोजन में प्रायः देवी को भोग लगाई गई उड़द की खिचड़ी ही प्रसाद के रूप में खाई जाती है। भोजन पूर्णतः 'निरामिष' (शाकाहारी) होना चाहिए।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





