विस्तृत उत्तर
व्रत के दिन पूर्ण निराहार रहना श्रेष्ठ है। यदि संभव न हो, तो शाम की पूजा के बाद 'एक भुक्त' (एक बार भोजन) या फलाहार (दूध, फल) लेना चाहिए। अनाज में केवल कुट्टू या सिंघाड़े का आटा और सेंधा नमक प्रयोग करें। धर्मसिंधु और व्रतराज़ के कड़े निषेधों (Taboos) के अनुसार: प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, बैंगन और मसूर दाल का सेवन पूर्णतः वर्जित है। इसके अलावा किसी भी प्रकार का तंबाकू या नशा व्रत को पूरी तरह खंडित कर देता है।

