विस्तृत उत्तर
नहीं। सायाह्न काल में श्राद्ध निषिद्ध माना गया है। एकादशी श्राद्ध अपराह्न काल में पूरा करना चाहिए।
एकादशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या को संदर्भ सहित समझें
एकादशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या का सबसे सीधा सार यह है: नहीं, शाम को श्राद्ध निषिद्ध है।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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मघा त्रयोदशी में निषेध क्यों नहीं लगता?
मघा त्रयोदशी विशेष पितृ योग है।
त्रयोदशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?
नहीं, अपराह्न काल श्रेष्ठ है।
दशमी श्राद्ध में कौन सा अन्न वर्जित है?
चना, मसूर, उड़द, कुलथी आदि।
नवमी श्राद्ध में क्षौर कर्म क्यों वर्जित है?
पितृ पक्ष संयम का काल है।
शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाने का क्या महत्व होता है?
शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाना वर्जित है। कारण: नारियल 'श्रीफल' = लक्ष्मी का स्वरूप (विष्णु-संबंधित)। शिवलिंग का चढ़ावा ग्रहण नहीं होता — नारियल पानी व्यर्थ होगा। साबुत नारियल शिव के समक्ष रख सकते हैं, पर नारियल पानी से अभिषेक कभी न करें। शिवलिंग पर चढ़ा नारियल प्रसाद में न लें।
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