विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम (शयन कक्ष) में मंदिर रखना उचित नहीं माना जाता है।
कारण
- 1पवित्रता का प्रश्न — शयन कक्ष विश्राम और दांपत्य जीवन का स्थान है। बिना स्नान और स्वच्छता के यहाँ आना-जाना होता है, जो पूजा स्थल की पवित्रता के अनुकूल नहीं है।
- 2ऊर्जा का टकराव — पूजा स्थल सात्विक और शांत ऊर्जा का केंद्र होता है, जबकि शयन कक्ष की ऊर्जा भिन्न होती है। दोनों का मिश्रण वास्तु दोष उत्पन्न करता है।
- 3देवताओं का अनादर — सोते समय पैर मंदिर की ओर हो सकते हैं, जो अशुभ और अपमानजनक माना जाता है।
यदि अन्य विकल्प न हो (फ्लैट/छोटा घर)
- ▸मंदिर को बेडरूम के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रखें।
- ▸सोते समय मंदिर को पर्दे या छोटे द्वार से ढक दें।
- ▸पैर कभी मंदिर की ओर न करें।
- ▸मंदिर की ऊँचाई ऐसी हो कि भगवान के चरण आपकी छाती के स्तर पर हों।
सर्वोत्तम उपाय: यदि संभव हो तो पूजा के लिए अलग कक्ष या ड्रॉइंग रूम/लिविंग रूम का ईशान कोण चुनें।





