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विस्तृत उत्तर
पिशाचों का व्यवहार पूर्णतः ध्वंसात्मक होता है। वे नकारात्मक ऊर्जा का भक्षण करते हैं। पिशाच मनुष्यों के भीतर प्रवेश करने में सक्षम होते हैं। जब कोई पिशाच किसी मनुष्य के शरीर पर अधिकार कर लेता है, तो वह उस मनुष्य के विचारों को दूषित कर देता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति उन्माद, मतिभ्रम और भयंकर मानसिक तथा शारीरिक रोगों से ग्रसित हो जाता है। पिशाच बाधा को शास्त्रों में गंभीर तामसिक प्रभाव के रूप में बताया गया है।
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