का सरल उत्तर
साधना में तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) वर्जित है — ब्रह्मचर्य पालन और खान-पान-वाणी की शुद्धि अनिवार्य है क्योंकि यह सात्त्विक कल्याण की साधना है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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