विस्तृत उत्तर
हनुमान जी की पूजा के कुछ विशेष नियम हैं जिनका उल्लंघन करने से पूजा का फल नहीं मिलता बल्कि अप्रसन्नता का सामना करना पड़ता है:
सबसे बड़ी गलती — ब्रह्मचर्य का पालन न करना। हनुमान जी आजीवन ब्रह्मचारी थे। जो उनकी पूजा करते हैं उन्हें पूजा वाले दिन ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य रूप से करना चाहिए। पंचांग (Patrika) के अनुसार यह सबसे प्रमुख नियम है।
दूसरी गलती — स्त्रियों का सीधे चोला अर्पण करना। स्त्रियों को हनुमान जी को सीधे वस्त्र या चोला नहीं चढ़ाना चाहिए। वे अपने पुत्र या पति के माध्यम से यह कार्य करा सकती हैं।
तीसरी गलती — सूतक में पूजा करना। घर में जन्म या मृत्यु के बाद सूतक काल में हनुमान जी की स्थूल पूजा नहीं करनी चाहिए। इस काल में मानसिक जप ही करें।
चौथी गलती — मंगलवार को नमक का सेवन, मांस-मदिरा और लड़ाई-झगड़ा। मंगलवार को व्रत वाले दिन नमक नहीं खाना चाहिए और क्रोध से बचना चाहिए।
पाँचवीं गलती — हनुमान चालीसा गलत उच्चारण से पढ़ना। हनुमान चालीसा की प्रत्येक पंक्ति का सही उच्चारण महत्वपूर्ण है। गलत उच्चारण से मनचाहा फल नहीं मिलता।





