बटुक भैरव साधना में कौन से कर्म वर्जित हैं?
की चेकलिस्ट
वर्जित कर्म: मारण-मोहन-उच्चाटन जैसे तामसिक प्रयोग, क्रोध, मांस-मदिरा, सहवास, गुरु आज्ञा का उल्लंघन और अप्रामाणिक मंत्र जप।
- 1मारण, मोहन, उच्चाटन आदि तामसिक या हानिकारक प्रयोग।
- 2क्रोध, आलस्य, सहवास, तामसिक भोजन (मांस, मदिरा)।
- 3गुरु आज्ञा का उल्लंघन।
- 4मंत्र को अप्रामाणिक ढंग से जपना।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
सावधानियाँ और नियम
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।