सावधानियाँ और नियमबटुक भैरव साधना में कौन से कर्म वर्जित हैं?वर्जित कर्म: मारण-मोहन-उच्चाटन जैसे तामसिक प्रयोग, क्रोध, मांस-मदिरा, सहवास, गुरु आज्ञा का उल्लंघन और अप्रामाणिक मंत्र जप।#वर्जित कर्म#मारण मोहन#तामसिक प्रयोग
सावधानियाँकालसर्प दोष में तामसिक प्रयोग क्यों नहीं करने चाहिए?भगवद्गीता के अनुसार शत्रु-नाश या स्वार्थ के लिए तामसिक प्रयोग करने वाले 'आसुरी-निष्ठा' वाले कहलाते हैं और उनका पतन निश्चित है — ये प्रयोग आम साधकों के लिए सर्वथा निषिद्ध हैं।#तामसिक प्रयोग#आसुरी निष्ठा
साधना की सावधानियाँक्या नीलकंठ स्तोत्र का प्रयोग काला जादू के लिए कर सकते हैं?नहीं — नीलकंठ स्तोत्र षट्कर्मों को नष्ट करने के लिए है, उनके तामसिक प्रयोग के लिए नहीं। इसका उपयोग केवल कल्याणकारी और रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए ही करना चाहिए।#काला जादू#तामसिक प्रयोग#निषेध