विस्तृत उत्तर
नहीं। न्यास, मंत्र अनुष्ठान, और गुप्त तांत्रिक विधियों (जैसे सवा लाख जप) के लिए योग्य गुरु से दीक्षा और मार्गदर्शन प्राप्त करना आवश्यक है।
बिना गुरु के इन तांत्रिक विधियों का अभ्यास करने पर साधना निष्फल या हानिकारक हो सकती है।
सामान्य स्तोत्र पाठ (बिना तांत्रिक अनुष्ठान के) कोई भी 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति शुद्ध मन और सात्त्विक उद्देश्य से कर सकता है।





