विस्तृत उत्तर
यह पूजा केवल सात्त्विक उद्देश्यों के लिए की जानी चाहिए:
- ▸ग्रह-शांति
- ▸मानसिक स्थिरता
- ▸परिवार का कल्याण
- ▸स्वास्थ्य-लाभ
- ▸आध्यात्मिक उन्नति
तामसिक या आसुरी प्रयोग, जैसे किसी पर तंत्र-बाधा लगाना या शत्रु-नाश के लिए नाग-शक्ति का आवाहन करना, पूर्णतः निषिद्ध हैं।
ऐसा करने से साधक स्वयं 'नाग-पाश' में और गहरे फँस जाता है और उसका पतन हो जाता है।





