ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
अभेद दर्शन⏱ 1 मिनट पठन

मत्स्य पुराण का 'यथा भेदं न पश्यामि' श्लोक का क्या अर्थ

'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्ण्वर्कपद्मजान्. . .

संक्षिप्त उत्तर

'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्ण्वर्कपद्मजान्...' अर्थ: जैसे मैं शिव, विष्णु, सूर्य और ब्रह्मा में कोई भेद नहीं देखता — वैसे ही विश्वात्मा शंकर (जो कल्याण करे = शं कल्याणं करोति) सदा मेरे लिए कल्याणकारी हों।

📖

विस्तृत उत्तर

मत्स्य पुराण का अभेद-दर्शन श्लोक:

यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्ण्वर्कपद्मजान्। तथा ममास्तु विश्वात्मा शंकर: शंकर: सदा॥

अर्थ: जिस प्रकार मैं शिव, विष्णु, सूर्य (अर्क) और ब्रह्मा (पद्मज) में कोई भेद (अंतर) नहीं देखता हूँ, उसी प्रकार विश्व की अंतरात्मा स्वरूप भगवान शंकर (कल्याण करने वाले) सदा मेरे लिए कल्याणकारी हों।

शंकर' शब्द का यहाँ व्युत्पत्तिपरक अर्थ है 'शं कल्याणं करोति' अर्थात जो कल्याण करे।
उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

मत्स्य पुराण का 'यथा भेदं न पश्यामि' श्लोक का क्या अर्थ है को संदर्भ सहित समझें

मत्स्य पुराण का 'यथा भेदं न पश्यामि' श्लोक का क्या अर्थ है का सबसे सीधा सार यह है: 'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्ण्वर्कपद्मजान्...' अर्थ: जैसे मैं शिव, विष्णु, सूर्य और ब्रह्मा में कोई भेद नहीं देखता — वैसे ही विश्वात्मा शंकर (जो कल्याण करे = शं...

अभेद दर्शन जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

अभेद दर्शन श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

अभेद दर्शन प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

यथा भेदंअभेद दर्शनशंकर अर्थकल्याण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मत्स्य पुराण का 'यथा भेदं न पश्यामि' श्लोक का क्या अर्थ है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको अभेद दर्शन से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#यथा भेदं#अभेद दर्शन#शंकर अर्थ#कल्याण