विस्तृत उत्तर
पारद शिवलिंग पूजा में क्षमा-प्रार्थना का मंत्र इस प्रकार है:
मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्त्तिहीनं महेश्वर।
यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु ते॥
अर्थ: 'हे महेश्वर! मेरी पूजा मंत्रहीन, क्रियाहीन और भक्तिहीन है। मैंने जो भी पूजा की है, आपकी कृपा से वह परिपूर्ण हो।'





