का सरल उत्तर
क्षमा प्रार्थना: 'मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं महेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु ते॥' — मेरी मंत्रहीन, क्रियाहीन पूजा आपकी कृपा से परिपूर्ण हो।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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