विस्तृत उत्तर
निर्णय सिंधु' के अनुसार व्रत के दिन दिन में सोना (Diurnal Sleep) तमस को बढ़ाता है, इसलिए वर्जित है। पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन, अशुद्ध वस्तुओं/सूतक का स्पर्श न करना, और क्रोध या अपशब्दों का प्रयोग व्रत को खंडित कर देता है। पूजा के अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए: "आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥" (हे परमेश्वर! मैं न आवाहन जानता हूँ, न विसर्जन और न पूजा विधि जानता हूँ, कृपया क्षमा करें)।





