विस्तृत उत्तर
शारीरिक और आचरण संबंधी नियमों के तहत एकादशी के दिन सोना (दिवा-निद्रा) सख्त मना है, क्योंकि इससे रात्रि जागरण का फल नष्ट हो जाता है। इसके अलावा बाल काटना, नाखून काटना और पेड़ से लकड़ी तोड़कर 'दातुन' करना भी निषिद्ध है। आचरण के स्तर पर क्रोध करना, झूठ बोलना, दूसरों की निंदा (चुगली) करना, जुआ खेलना और ज्यादा बोलना भी वर्जित है।





