विस्तृत उत्तर
लोक-परंपरा में अक्सर लोग एकादशी के दिन भी तुलसी को जल देते हैं और उन्हें स्पर्श करते हैं। परंतु शास्त्र-सम्मत तथ्य यह है कि एकादशी के दिन तुलसी माता स्वयं भगवान विष्णु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। इसलिए एकादशी के पवित्र दिन तुलसी को स्पर्श करना, उन्हें जल देना और उनके पत्ते तोड़ना सर्वथा वर्जित (सख्त मना) है। पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पहले (दशमी को) ही तोड़कर रख लेना चाहिए।



