विस्तृत उत्तर
एकादशी पर चावल, गेहूं, जौ और सभी दालों का पूर्णतः त्याग करना चाहिए। ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड के अनुसार, एकादशी के दिन समस्त पाप अन्न (विशेषकर चावल) में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन अन्न का सेवन करने वाला व्यक्ति साक्षात पाप का भक्षण (पाप खाता) करता है। शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल खाना महर्षि मेधा के मांस भक्षण के समान घोर पाप माना गया है।





