विस्तृत उत्तर
भोजन संबंधी कड़े नियमों के अनुसार, एकादशी के दिन किसी भी रूप में अन्न (जैसे चावल, गेहूँ, मक्का, और दालें) ग्रहण करना महापाप माना गया है। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि एकादशी के पवित्र दिन 'पाप पुरुष' का निवास अन्न में हो जाता है। अतः इस दिन अन्न खाने का अर्थ साक्षात अपने शरीर में पाप को ग्रहण करना है।





