विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार 8 वर्ष से 80 वर्ष तक के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति के लिए एकादशी व्रत रखना चाहिए। परंतु बीमार (रोगी), बुजुर्ग, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शास्त्रों ने नियमों में छूट दी है। इनके लिए पूर्ण या निर्जला व्रत अनिवार्य नहीं है। ये लोग अन्न (अनाज) का त्याग करके केवल जल, दूध या फलों का सेवन (फलाहार) करते हुए भी इस पवित्र व्रत का पालन कर सकते हैं।
