विस्तृत उत्तर
हाँ, व्रतराज और अन्य शास्त्रों के अनुसार मासिक दुर्गाष्टमी के व्रत के दिन 'दिन में सोना' (Daytime sleep) पूर्णतः वर्जित है, क्योंकि यह तामस गुण को बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त, विलासिता का त्याग करते हुए रात्रि में चारपाई या पलंग की बजाय भूमि पर या चटाई पर शयन करना चाहिए। व्रत के दौरान शारीरिक और मानसिक ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है, और यह भी मान्यता है कि पूजा के दिन घर को पूरी तरह खाली (सूना) नहीं छोड़ना चाहिए।


