विस्तृत उत्तर
एकादशी के दिन शारीरिक शुद्धि के कड़े नियम होते हैं। इस दिन किसी भी पेड़ या पौधे को आघात पहुँचाना (चोट पहुँचाना या तोड़ना) वर्जित है। इसीलिए शास्त्रों में एकादशी के दिन लकड़ी की 'दातून' करना (पेड़ से टहनी तोड़कर दांत साफ करना) पूरी तरह मना किया गया है। व्रती को केवल पानी से कुल्ला करके ही मुख की शुद्धि करनी चाहिए। इसके अलावा नाखून और बाल काटना भी मना है।





