विस्तृत उत्तर
पारद शिवलिंग पूजा में आवाहन मंत्र इस प्रकार है:
आगच्छ भगवन्देव स्थाने चात्र स्थिरो भव।
यावत्पूजां करिष्यामि तावत्त्वं सन्निधौ भव॥
ॐ साङ्गाय सायुधाय साम्बसदाशिवाय नमः आवाहनं समर्पयामि।
अर्थ: 'हे भगवान! हे देव! आइये, यहाँ इस स्थान पर स्थिर हो जाइये। जब तक मैं आपकी पूजा कर रहा हूँ, तब तक आप मेरे समक्ष रहिये।'
(आवाहन मुद्रा दिखाकर पुष्प/अक्षत अर्पित करें)।




