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विस्तृत उत्तर
आवाहन के लिए मंत्र:
'आगच्छ देवि देवेशि! तेजोमयि सरस्वति!...'
प्रक्रिया: आवाहन मुद्रा (दोनों हथेलियों को जोड़कर अंगूठों को अंदर मोड़ना) में देवी का अपने सम्मुख कलश या प्रतिमा में आह्वान करें।
गूढ़ार्थ: निराकार (Formless) परब्रह्म को सगुण साकार रूप में अपनी भक्ति के केंद्र में स्थापित करने का निवेदन।
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