सरस्वती पूजा में ध्यान मंत्र क्या है का सबसे सीधा सार यह है: ध्यान मंत्र: 'या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता...' विधि: अंजलि में पुष्प लें, नेत्र बंद करें, देवी के कुंद-चंद्र-हिम समान श्वेत स्वरूप का मानसिक चिंतन। फल: मन की चंचलता समाप्त...
सरस्वती पूजा विधि जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•सरस्वती पूजा विधि श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।