का सरल उत्तर
ध्यान मंत्र: 'या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता...' विधि: अंजलि में पुष्प लें, नेत्र बंद करें, देवी के कुंद-चंद्र-हिम समान श्वेत स्वरूप का मानसिक चिंतन। फल: मन की चंचलता समाप्त, अवचेतन देवी की ऊर्जा से जुड़ता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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