विस्तृत उत्तर
शिव पुराण और स्कंद पुराण में भगवान शिव की पूजा के कुछ विशेष नियम वर्णित हैं जिनका पालन न करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता। सबसे अधिक की जाने वाली गलतियाँ इस प्रकार हैं:
सबसे बड़ी गलती — शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाना। पौराणिक कथा के अनुसार वृंदा (तुलसी) ने शिव को श्राप दिया था, इसलिए शिव को तुलसी वर्जित है। यह सबसे सामान्य गलती है जो अनजाने में होती है।
दूसरी गलती — शिवलिंग पर फल रखना। शास्त्रों में कहा गया है कि शिवलिंग के ऊपर सीधे फल नहीं रखने चाहिए — इससे भार पड़ता है और यह शास्त्र-विरुद्ध है। फल नीचे थाली में रखें।
तीसरी गलती — नारियल पानी से अभिषेक। नारियल लक्ष्मीजी का प्रतीक है इसलिए उनके पति शिव को नारियल पानी नहीं चढ़ाते — यह वर्जित है।
चौथी गलती — जलाधारी पर दीपक जलाना। शिवलिंग के आसपास की जलाधारी पर कभी दीपक नहीं जलाना चाहिए।
पाँचवीं गलती — पूर्व दिशा में मुँह करके जल चढ़ाना। पूर्व को शिव का मुख-द्वार माना गया है, इसलिए जल चढ़ाते समय दक्षिण की ओर मुँह करें और जल उत्तर दिशा से शिवलिंग पर गिरे।
छठी गलती — लाल चंदन या केसरिया वस्त्र अर्पित करना। शिव को सफेद या पीला चंदन और श्वेत वस्त्र प्रिय हैं।





