4 लेख उपलब्ध — विधि, मंत्र, कथा एवं शास्त्रीय ज्ञान
पूषन देवता का यह वैदिक मंत्र खोलता है समृद्धि और शांति के द्वार
जहां माया का कोई प्रभाव नहीं पड़ता और आत्मा शुद्ध आनंद का अनुभव करती है। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के इस प्रवचन में जानिए, 14 लोकों के बाद क्या है।
सूर्य देव आरती: 'जय कश्यप-नन्दन', तांबे से अर्घ्य और रविवार व्रत नियम !
श्री सूर्य चालीसा: संपूर्ण मूल पाठ | तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की सिद्ध विधि, रविवार व्रत के नियम और सूर्य-दोष शांति के शक्तिशाली उपाय !
शांति से सम्बन्धित 4 विस्तृत लेख यहाँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक लेख में शास्त्रीय प्रमाण, पूजा विधि, मंत्र, सामग्री और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है। शांति के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी भी लेख पर क्लिक करें।