का सरल उत्तर
यह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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