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ज्योतिष उपाय

ग्रह दोष निवारण, राशि अनुसार उपाय, कुंडली ज्ञान, नवग्रह शांति — ज्योतिष सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर।

218प्रश्नोत्तर
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ग्रह दोष पूर्व जन्म के कर्मों का फल है क्या?

हाँ — कुंडली=प्रारब्ध कर्म(पूर्व जन्म)। 3 कर्म: संचित/प्रारब्ध(कुंडली)/क्रियमाण(वर्तमान)। वर्तमान कर्म=प्रारब्ध बदल सकता। 'अपना उद्धार स्वयं करो'(गीता)। कुंडली=संकेत, निर्णय नहीं।

ज्योतिष दर्शनग्रह दोषपूर्व जन्म
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शुक्र महादशा में क्या लाभ होता है?

20 वर्ष(सबसे लंबी)। शुभ: विवाह सुख, धन-ऐश्वर्य, वाहन, कला/संगीत, सौंदर्य। अशुभ उपाय: 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं' 108, हीरा/ओपल(ज्योतिषी), शुक्रवार व्रत+सफ़ेद दान, लक्ष्मी पूजा, श्री सूक्त। शुक्र=लक्ष्मी=ऐश्वर्य। संयम आवश्यक।

ज्योतिष उपायशुक्रमहादशा
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होरा क्या है — इसका उपयोग?

होरा=प्रति घंटा ग्रह स्वामित्व। सूर्य=सरकारी, चंद्र=यात्रा, मंगल=भूमि, बुध=व्यापार/शिक्षा, गुरु=पूजा/विवाह, शुक्र=खरीद/कला, शनि=लोहा/तेल। .com→'शुभ होरा'।

मुहूर्त शास्त्रहोराग्रह होरा
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पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदना शुभ क्यों?

पुष्य=सबसे शुभ नक्षत्र(गुरु स्वामी)। गुरु=सोना कारक→पुष्य+सोना=दोहरी शुभता। 'पुष्य'=पोषण/वृद्धि। गुरुपुष्यामृत(गुरुवार+पुष्य)=सर्वोत्तम। सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र।

ज्योतिष ज्ञानपुष्य नक्षत्रसोना
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रत्न पहनने से पहले कौन सी पूजा करें?

पंचामृत शुद्धि→स्नान→पूजा→दीपक→ग्रह मंत्र 108 बार→पहनें। 9 ग्रह=9 मंत्र। निर्धारित दिन+समय अनिवार्य।

रत्न शास्त्ररत्न पूजाशुद्धि
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शनि साढ़ेसाती कब लगती है — कैसे पहचानें?

शनि 12वीं+1ली+2री राशि=7.5 वर्ष(3×2.5)। उदय=आर्थिक, मध्य=स्वास्थ्य(सबसे कठिन), अस्त=परिवार। लक्षण: तंगी, बीमारी, बाधा, कलह। .com देखें।

ज्योतिषशनि साढ़ेसातीकब
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गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

शुभ: माघ/फाल्गुन/वैशाख/ज्येष्ठ, सोम/बुध/गुरु/शुक्र, शुक्लपक्ष तिथि, रोहिणी/पुष्य/चित्रा नक्षत्र। वर्जित: चातुर्मास, मंगलवार, अमावस्या, राहुकाल, भद्रा, पंचक। .com देखें।

मुहूर्त शास्त्रगृह प्रवेशमुहूर्त
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सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

वार शास्त्रसोमवारशुभ कार्य
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शनि गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?

'ॐ काकध्वजाय विद्महे...तन्नो मन्दः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, सरसों दीपक, लोहे की माला। + हनुमान चालीसा = सर्वोत्तम शनि शांति।

ग्रह मंत्रशनिगायत्री
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योगिनी दशा क्या है?

8 योगिनी(मंगला→संकटा)=36 वर्ष चक्र। 1+2+3+4+5+6+7+8=36। विंशोत्तरी से सरल+तीव्र। अल्पकालिक भविष्य=अधिक सटीक। तांत्रिक ज्योतिष। विंशोत्तरी+योगिनी=सटीक।

ज्योतिष ज्ञानयोगिनी दशा36 वर्ष
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रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

ज्योतिष नियमरविवारनमक
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मंत्र जप से कालसर्प दोष का निवारण कैसे करें?

मंत्र: महामृत्युंजय सवा लाख+हवन (सर्वाधिक प्रभावी)। 'ॐ नमः शिवाय'। राहु: 'ॐ रां राहवे नमः' 18,000। केतु: 'ॐ कें केतवे नमः' 17,000। विष्णु सहस्रनाम। अन्य: त्र्यम्बकेश्वर/महाकाल पूजा, रुद्राभिषेक, नाग पंचमी। ज्योतिषी से कुण्डली परामर्श।

ज्योतिषकालसर्पराहु केतु
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केतु मंत्र का जप केतु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः' 17,000। सरल: 'ॐ कें केतवे नमः' 108। मंगलवार/शनिवार, भूरे वस्त्र, 7 मुखी रुद्राक्ष। गणेश पूजा। केतु = मोक्षकारक भी। ज्योतिषी परामर्श।

ज्योतिषकेतुमंत्र
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ग्रह गोचर का जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

गोचर=ग्रहों की वर्तमान स्थिति। शनि(2.5yr), गुरु(1yr), राहु-केतु(1.5yr)=प्रमुख। भावों से गुजरता=उस विषय सक्रिय। कुंडली+दशा+गोचर तीनों=फल। अकेला गोचर=अधूरा।

ज्योतिष ज्ञानगोचरTransit
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दुकान खोलने का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

बुध/गुरु/शुक्रवार, शुक्लपक्ष तिथि, शुभ/लाभ/अमृत चौघड़िया। अक्षय तृतीया=सर्वश्रेष्ठ। गुरुपुष्य/रविपुष्य योग। .com देखें।

मुहूर्त शास्त्रदुकानव्यापार
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क्षय तिथि क्या है — इसमें कौन से काम न करें?

क्षय तिथि=एक सूर्योदय में समाप्त(नष्ट)। सभी मांगलिक कार्य वर्जित(गृहप्रवेश/विवाह/खरीद)। दान/पूजा/जप मान्य। पंचांग/.com।

तिथि शास्त्रक्षय तिथिवर्जित
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ज्योतिष में उपचार और पूजा में कौन अधिक प्रभावी?

पूजा(भक्ति)>उपचार(ज्योतिष)। गीता: ईश्वर शरण=सर्वपापमुक्ति=ग्रह से परे। पर दोनों पूरक। भक्ति+कर्म+उपचार=पूर्ण। सच्ची भक्ति=सर्वोपरि।

ज्योतिष दर्शनउपचारपूजा
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मंत्र जप से पितृ दोष कैसे दूर होता है?

मंत्र: पितृ गायत्री, महामृत्युंजय, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', 'ॐ पितृभ्यो नमः'। विधि: पितृ पक्ष श्राद्ध+तर्पण, अमावस्या तर्पण (तिल+जल), गया श्राद्ध सर्वश्रेष्ठ, पीपल जल, गरुड़ पुराण, अन्नदान = सबसे प्रभावी।

ज्योतिषपितृ दोषश्राद्ध
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द्वितीया तिथि का अधिष्ठाता देवता कौन है?

द्वितीया तिथि का मुख्य अधिष्ठाता देवता यमराज हैं, जिनका इस तिथि पर विशेष आधिपत्य रहता है। पद्म पुराण के अनुसार यमुना ने यमराज को इसी तिथि पर भोजन कराया था। श्राद्ध के मूल अधिष्ठाता देवता वसु, रुद्र और आदित्य हैं, जो क्रमशः पिता, पितामह और प्रपितामह पीढ़ियों के प्रतिनिधि हैं। साथ ही विश्वेदेव पुरूरवा-आर्द्रव या क्रतु-दक्ष भी आहूत होते हैं।

तिथि शास्त्रयमराजद्वितीया अधिष्ठाता
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द्वितीया चन्द्रमा की कौन सी कला है?

द्वितीया चन्द्रमा की दूसरी कला है। वैदिक काल-गणना के अनुसार एक चान्द्र-मास में पन्द्रह तिथियाँ होती हैं, जिनमें द्वितीया चन्द्रमा की द्वितीय कला का प्रतिनिधित्व करती है। शुक्ल पक्ष में यह बढ़ते क्रम में दूसरी कला होती है, और कृष्ण पक्ष में घटते क्रम में। यह तिथि यमराज से सम्बन्धित मानी गई है।

तिथि शास्त्रद्वितीय कलाचन्द्र कला
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द्वितीया तिथि क्या होती है?

द्वितीया तिथि चान्द्र-मास की दूसरी तिथि है, जो चन्द्रमा की द्वितीय कला का प्रतिनिधित्व करती है। प्रत्येक पक्ष यानी शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में पन्द्रह तिथियाँ होती हैं, जिनमें द्वितीया दूसरी तिथि है। इस तिथि पर यमराज का विशेष आधिपत्य रहता है, और पितृ-कर्मों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।

तिथि शास्त्रद्वितीया तिथिचन्द्र कला
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ज्योतिष में 'आश्रय योग' किसे कहते हैं?

जब कुंडली के सभी 7 ग्रह किसी एक खास स्वभाव (चर, स्थिर या द्विस्वभाव) वाली राशियों का ही 'आश्रय' (सहारा) ले लें, तो उसे आश्रय योग कहते हैं (जैसे नल योग)।

ज्योतिष ज्ञानआश्रय योगरज्जु
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द्विस्वभाव राशियां (Dual Signs) क्या होती हैं?

मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशियों को द्विस्वभाव राशियां कहते हैं। इनका स्वभाव समय और परिस्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेने वाला (लचीला) होता है।

ज्योतिष ज्ञानद्विस्वभाव राशियांमिथुन
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प्रत्यंतर दशा क्या होती है

अंतर्दशा के भीतर सूक्ष्म ग्रह काल। महादशा→अंतर्दशा→प्रत्यंतर्दशा। कुछ सप्ताह-माह। विशिष्ट घटनाओं का सटीक समय। सबसे सूक्ष्म भविष्यवाणी स्तर।

ज्योतिषप्रत्यंतर दशादशा
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त्रिपुष्कर योग में शुभ काम

तिथि+वार+नक्षत्र विशेष संयोग = कार्य 3 गुना फल। संपत्ति/निवेश/व्यापार/दान शुभ। ऋण/झगड़ा वर्जित (3 गुना अशुभ भी)। पंचांग में देखें।

ज्योतिषत्रिपुष्करयोग
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ग्रहों का मनुष्य पर प्रभाव वैज्ञानिक प्रमाण

सिद्ध: सूर्य (विटामिन D/ऋतुएं), चंद्र (ज्वारभाटा)। अप्रमाणित: शनि/मंगल/गुरु आदि = नगण्य गुरुत्वाकर्षण। राहु-केतु = गणितीय बिंदु। सूर्य/चंद्र = हाँ; शेष = प्रमाण नहीं। विश्वास व्यक्तिगत।

ज्योतिषग्रहप्रभाव
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द्विपुष्कर योग में शुभ काम

तिथि+वार+नक्षत्र = कार्य 2 गुना फल। त्रिपुष्कर जैसा, बुध/गुरु/शुक्रवार। संपत्ति/निवेश/दान शुभ। अशुभ = 2 गुना अशुभ।

ज्योतिषद्विपुष्करयोग
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ज्योतिष का वैज्ञानिक आधार क्या

विवादित। ज्योतिष: खगोलीय गणित + हजारों वर्ष अनुभव। विज्ञान: pseudoscience; ग्रह प्रभाव अप्रमाणित। संतुलित: सांस्कृतिक विरासत + मार्गदर्शन; 'वैज्ञानिक प्रमाणित' = अतिशयोक्ति। कर्म > ग्रह।

ज्योतिषज्योतिषवैज्ञानिक
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वृश्चिक राशि मंगल दोष निवारण

वृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।

राशि अनुसार उपायवृश्चिकमंगल
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मीन राशि सबसे प्रभावी मंत्र

मीन=गुरु। 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः', विष्णु सहस्रनाम। पुखराज, पीला, गुरुवार। भक्ति/ध्यान/सेवा=सबसे उपयुक्त।

राशि अनुसार उपायमीनगुरु
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बुध मजबूत करने बुधवार उपाय

बुधवार: गणेश+'ॐ बुं बुधाय नमः' 108+हरा+मूंग दान+पन्ना+अथर्वशीर्ष+पुस्तक दान+बुद्धि कार्य।

ज्योतिष दोष एवं उपायबुधबुधवार
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मेष राशि के लिए शुभ मंत्र

मेष=मंगल। "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 (मंगलवार), हनुमान चालीसा (प्रतिदिन=सर्वोत्तम), गायत्री। मूंगा (अनामिका/सोना), 3 मुखी, लाल। हनुमान/कार्तिकेय। लाल दाल/गुड़ दान।

राशि अनुसार उपायमेषमंगल
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चंद्र ग्रह मजबूत करने सोमवार उपाय

सोमवार: शिव अभिषेक+'ॐ सों सोमाय नमः' 108+सफेद+दूध/चावल दान+मोती+माता सेवा+ध्यान।

ज्योतिष दोष एवं उपायचंद्रसोमवार
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वृष राशि शुभ रत्न

वृष=शुक्र। हीरा (सर्वोत्तम)/ओपल/जिरकॉन (सस्ता)। अनामिका, सोना/प्लैटिनम, शुक्रवार, "ॐ शुं शुक्राय नमः" 108। ज्योतिषी अनिवार्य — शत्रु ग्रह = हानि। 6 मुखी, सफेद दान।

राशि अनुसार उपायवृषशुक्र
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ज्योतिष में दशा अंतर्दशा अर्थ

दशा=ग्रह शासनकाल (विंशोत्तरी 120 वर्ष)। शनि=19, राहु=18, बुध=17, गुरु=16, शुक्र=20 वर्ष। महादशा>अंतर्दशा>प्रत्यंतर्दशा। शुभ ग्रह=अच्छा; अशुभ=कठिनाई।

ज्योतिष दोष एवं उपायदशाअंतर्दशा
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मकर राशि शनि दोष निवारण

मकर=शनि(स्वराशि)। हनुमान चालीसा+शनि स्तोत्र+पीपल+शिव। तेल/तिल/उड़द दान। नीलम, 7 मुखी। सदाचार=सर्वोत्तम। Q693।

राशि अनुसार उपायमकरशनि
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12 राशियों के स्वामी ग्रह

मेष-मंगल, वृष-शुक्र, मिथुन-बुध, कर्क-चंद्र, सिंह-सूर्य, कन्या-बुध, तुला-शुक्र, वृश्चिक-मंगल, धनु-गुरु, मकर-शनि, कुंभ-शनि, मीन-गुरु।

ज्योतिष दोष एवं उपाय12 राशिस्वामी
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कर्क राशि चंद्र मंत्र कैसे जपें

कर्क=चंद्र। 'ॐ सों सोमाय नमः' 108, सोमवार, सफेद, शिव पूजा। मोती (चांदी)। स्फटिक माला।

राशि अनुसार उपायकर्कचंद्र
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लाल किताब और वैदिक ज्योतिष अंतर

लाल किताब=आधुनिक/सरल/घरेलू/विवादित। वैदिक=प्राचीन/शास्त्रीय/मंत्र-हवन। लाल किताब: हस्तरेखा+कुंडली; वैदिक: जन्म कुंडली+दशा। दोनों प्रचलित।

ज्योतिष दोष एवं उपायलाल किताबवैदिक
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कन्या राशि शुभ यंत्र

कन्या=बुध। बुध यंत्र/गणेश यंत्र। बुधवार स्थापना, 'ॐ बुं बुधाय नमः'। पन्ना। विद्या/व्यापार।

राशि अनुसार उपायकन्याबुध
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सिंह राशि सूर्य उपासना कैसे

सिंह=सूर्य। अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः'। माणिक, लाल, रविवार। गुड़/गेहूं दान।

राशि अनुसार उपायसिंहसूर्य
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लाल किताब राहु दोष निवारण

लाल किताब राहु: चांदी गेंद, काला कुत्ता रोटी, नारियल प्रवाहित, जौ/सरसों बहते पानी, नीला/काला दान। सरल/घरेलू। शास्त्रीय प्रामाणिकता विवादित।

ज्योतिष दोष एवं उपायलाल किताबराहु
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धनु राशि गुरु कैसे मजबूत करें

धनु=गुरु। विष्णु+'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'+गुरुवार+पीला दान+पुखराज। गीता पाठ+गुरु सम्मान+धर्म। Q895।

राशि अनुसार उपायधनुगुरु
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कुंभ राशि शनि प्रभाव

कुंभ=शनि(मूलत्रिकोण=सबसे प्रबल)। शुभ: न्याय, अनुशासन, दीर्घकालिक सफलता। अशुभ: एकाकीपन, देरी। सामाजिक सेवा=शनि सबसे प्रसन्न।

राशि अनुसार उपायकुंभशनि
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तुला राशि शुक्र कैसे मजबूत करें

तुला=शुक्र। लक्ष्मी+श्री सूक्त+शुक्रवार। हीरा/ओपल, 6 मुखी। स्त्री सम्मान=सबसे प्रभावी। Q898 विस्तार।

राशि अनुसार उपायतुलाशुक्र
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सूर्य ग्रह मजबूत करने रविवार उपाय

रविवार: अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः' 108+लाल वस्त्र+गुड़/गेहूं दान+माणिक+पिता सम्मान+गायत्री।

ज्योतिष दोष एवं उपायसूर्यरविवार
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27 नक्षत्रों के नाम और स्वामी ग्रह

27 नक्षत्र = 9 ग्रह × 3 each। अश्विनी(केतु), रोहिणी(चंद्र), पुष्य(शनि), मघा(केतु), हस्त(चंद्र), स्वाति(राहु), मूल(केतु), श्रवण(चंद्र), रेवती(बुध)। क्रम: केतु→शुक्र→सूर्य→चंद्र→मंगल→राहु→गुरु→शनि→बुध।

ज्योतिष दोष एवं उपाय27 नक्षत्रनाम
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मंगल शांति मंगलवार उपाय

मंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।

ज्योतिष दोष एवं उपायमंगलमंगलवार
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मिथुन राशि कौन सी पूजा करें

मिथुन=बुध। गणेश/विष्णु, 'ॐ बुं बुधाय नमः', अथर्वशीर्ष। पन्ना, हरा, बुधवार।

राशि अनुसार उपायमिथुनबुध
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नवग्रह शांति मंत्र कौन से

9 बीज मंत्र table (सूर्य-ॐ ह्रां, चंद्र-ॐ श्रां, मंगल-ॐ क्रां, बुध-ॐ ब्रां, गुरु-ॐ ग्रां, शुक्र-ॐ द्रां, शनि-ॐ प्रां, राहु-ॐ भ्रां, केतु-ॐ स्रां)। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय/गायत्री।

ज्योतिष दोष एवं उपायनवग्रहमंत्र
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चंद्र ग्रह कमजोर होने पर मन अशांत

मन अशांत, चिंता/अवसाद, नींद, माता कलह। उपाय: शिव पूजा, 'ॐ सों सोमाय नमः', मोती (चांदी), 2 मुखी, सफेद दान, माता सेवा, ध्यान।

ज्योतिष दोष एवं उपायचंद्रकमजोर
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नवग्रह पूजा कैसे करें घर पर सरल विधि

9 ग्रह × 11/108 मंत्र। सूर्य-ॐ सूं, चंद्र-ॐ सों, मंगल-ॐ अं, बुध-ॐ बुं, गुरु-ॐ बृं, शुक्र-ॐ शुं, शनि-ॐ शं, राहु-ॐ रां, केतु-ॐ कें। सरलतम: 9×11=~15-20 min।

ज्योतिष दोष एवं उपायनवग्रहपूजा
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सूर्य ग्रह कमजोर हो तो समस्या

आत्मविश्वास कम, पिता कलह, सरकारी बाधा, नेत्र/हृदय, प्रतिष्ठा। उपाय: आदित्य हृदय, सूर्य अर्घ्य, माणिक, पिता सम्मान।

ज्योतिष दोष एवं उपायसूर्यकमजोर
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शुक्र ग्रह मजबूत करने के लिए क्या करें

लक्ष्मी पूजा, 'ॐ शुं शुक्राय नमः', शुक्रवार, श्री सूक्त, सफेद दान, हीरा/ओपल, 6 मुखी। स्त्री सम्मान=सबसे प्रभावी।

ज्योतिष दोष एवं उपायशुक्रमजबूत
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शुक्र ग्रह कमजोर होने के लक्षण

दांपत्य कलह, प्रेम विफलता, सौंदर्य कम, वाहन समस्या, भौतिक सुख अभाव, मधुमेह/गुर्दा, कला रुचि कम।

ज्योतिष दोष एवं उपायशुक्रकमजोर
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बुध ग्रह कमजोर हो तो क्या करें

गणेश/विष्णु, 'ॐ बुं बुधाय नमः', बुधवार, हरा दान (मूंग), पन्ना, 4 मुखी। बुद्धि विकास कार्य।

ज्योतिष दोष एवं उपायबुधकमजोर
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गुरु ग्रह कमजोर हो तो उपाय

विष्णु पूजा, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः', गुरुवार व्रत, पीला दान (हल्दी/केला), पुखराज, गुरु सम्मान, दान+धर्म।

ज्योतिष दोष एवं उपायगुरुबृहस्पति
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पितृ दोष के लक्षण जीवन में

संतान कठिनाई, विवाह बाधा, धन अस्थिर, बीमारी, असफलता, कलह, पितर स्वप्न, सांप दिखना। निवारण: श्राद्ध+गया+तर्पण+कौवा भोजन। ज्योतिषी=सटीक।

ज्योतिष दोष एवं उपायपितृ दोषलक्षण
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पितृ दोष कुंडली में कैसे दिखता है

9वें भाव में राहु/केतु/शनि; सूर्य पर राहु/शनि; 5वां+9वां दोषपूर्ण। लक्षण: संतान कठिनाई, असफलता, कलह, पितर स्वप्न। निवारण: श्राद्ध/गया/तर्पण।

ज्योतिष दोष एवं उपायपितृ दोषकुंडली
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कालसर्प दोष घरेलू उपाय

दैनिक: 'ॐ नमः शिवाय' 108 + महामृत्युंजय + हनुमान चालीसा। सोमवार शिव अभिषेक। रुद्राक्ष। नागपंचमी नाग पूजा। पितृ तर्पण अमावस्या।

ज्योतिष दोष एवं उपायकालसर्पघरेलू
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ज्योतिष उपाय — प्रश्नोत्तर

ज्योतिष उपाय से सम्बन्धित 218+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर यहाँ उपलब्ध हैं। सनातन धर्म के विद्वानों द्वारा दिए गए इन उत्तरों में वेद, पुराण, उपनिषद और शास्त्रों के प्रमाण दिए गए हैं। यदि आप ज्योतिष उपाय के बारे में कोई भी प्रश्न खोज रहे हैं — चाहे विधि हो, नियम हो, सामग्री हो या लाभ — तो यहाँ आपको शास्त्रसम्मत उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर में स्रोत, विधि और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है।

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