विस्तृत उत्तर
योगिनी दशा = ज्योतिष की एक दशा पद्धति — 8 योगिनियों पर आधारित, कुल 36 वर्ष चक्र।
8 योगिनी + अवधि
- 1मंगला — 1 वर्ष (चंद्र)
- 2पिंगला — 2 वर्ष (सूर्य)
- 3धान्या — 3 वर्ष (गुरु)
- 4भ्रामरी — 4 वर्ष (मंगल)
- 5भद्रिका — 5 वर्ष (बुध)
- 6उल्का — 6 वर्ष (शनि)
- 7सिद्धा — 7 वर्ष (शुक्र)
- 8संकटा — 8 वर्ष (राहु)
= कुल 36 वर्ष → फिर पुनरावृत्ति।
विशेषता: विंशोत्तरी (120 वर्ष) से सरल + तीव्र। छोटे चक्र = तत्काल/अल्पकालिक भविष्यवाणी में अधिक सटीक। तांत्रिक ज्योतिष में विशेष प्रचलित।
उपयोग: विंशोत्तरी + योगिनी दोनों मिलकर = अधिक सटीक विश्लेषण।





