विस्तृत उत्तर
पुष्य नक्षत्र = 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ — 'पोषण' का नक्षत्र। स्वामी = बृहस्पति (गुरु) = धन, समृद्धि, भाग्य।
सोना खरीदना शुभ क्यों
- 1गुरु = सोने का कारक। पुष्य = गुरु नक्षत्र → सोना + गुरु = दोहरी शुभता।
- 2'पुष्य' = पोषण/वृद्धि। इस नक्षत्र में खरीदा सोना बढ़ता है (मान्यता)।
- 3पुष्य = सर्वार्थ सिद्धि — इसमें किया कोई भी शुभ कार्य = सफल।
- 4गुरुपुष्यामृत योग = गुरुवार + पुष्य नक्षत्र = सर्वोत्तम — इसमें सोना/संपत्ति = अत्यंत शुभ।
अन्य शुभ कार्य: पुष्य में गृहप्रवेश, व्यापार, रत्न, संपत्ति, विवाह = सब शुभ।
कब पता करें: drikpanchang.com पर 'पुष्य नक्षत्र' तिथि देखें।


