विस्तृत उत्तर
पूजा में नारियल फोड़ने या तोड़ने की एक निश्चित शुभ विधि होती है। नारियल को श्रीफल कहते हैं — इसे फोड़ना शुभ संकल्प की पूर्णता का प्रतीक है।
नारियल तोड़ने का शुभ तरीका — सबसे पहले नारियल को भगवान के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम करें और इसे देवता को अर्पित करें। नारियल फोड़ने से पहले उसे जटा (रेशेदार छिलके) के साथ रखें — जटा वाला नारियल विशेष शुभ माना जाता है।
नारियल हमेशा एक ही वार में तोड़ने का प्रयास करें — इसे शुभ माना जाता है। नारियल को दाएं हाथ से उठाकर किसी कठोर सतह पर या विशेष नारियल-फोड़ने वाले उपकरण से मजबूती से फोड़ें। नारियल को फर्श पर सीधे न मारें — पत्थर की शिला या लकड़ी पर तोड़ना उचित है।
यदि नारियल अंदर से सफेद और स्वच्छ निकले — यह अत्यंत शुभ है और पूजा की स्वीकृति का संकेत माना जाता है। यदि अंदर से काला, सड़ा हुआ या खराब निकले तो उसे बहते जल में प्रवाहित करें और नया नारियल चढ़ाएं।
शास्त्रों का श्लोक है — 'अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय...' — कलश पर रखे नारियल का मुख सदा साधक की ओर होना चाहिए। फोड़े गए नारियल का प्रसाद सभी भक्तों में बाँटें — इससे भगवान की कृपा सब तक पहुँचती है।





