का सरल उत्तर
पुष्य=सबसे शुभ नक्षत्र(गुरु स्वामी)। गुरु=सोना कारक→पुष्य+सोना=दोहरी शुभता। 'पुष्य'=पोषण/वृद्धि। गुरुपुष्यामृत(गुरुवार+पुष्य)=सर्वोत्तम। सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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