विस्तृत उत्तर
नवग्रह स्तोत्र = 9 ग्रहों की स्तुति — व्यास मुनि रचित।
रोज पढ़ने से: सभी ग्रह शांत+अनुकूल, ग्रह दोष निवारण, साढ़ेसाती/ढैय्या/दशा प्रभाव कम, स्वास्थ्य+धन+सुख, नकारात्मकता दूर।
विधि: प्रातः स्नान बाद, सूर्य अर्घ्य → नवग्रह स्तोत्र 1 बार (3 मिनट)। रविवार विशेष। नवग्रह मंदिर में।
सबसे प्रसिद्ध: *'जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महद्युतिम, तमोरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम'* (सूर्य श्लोक — पहला)।
विशेष: यह एकमात्र स्तोत्र जो सभी 9 ग्रहों को एक साथ शांत करता है — 'ज्योतिषीय सर्वरोग औषधि।'





